राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने राष्ट्रपति भवन में आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह (Defence Investiture Ceremony) के प्रथम चरण के दौरान 51 वीरता पुरस्कार (Gallantry Awards) प्रदान किए। इन पुरस्कारों के माध्यम से सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों तथा राज्य पुलिस बलों के उन वीर जवानों को सम्मानित किया गया जिन्होंने कर्तव्य पालन के दौरान असाधारण साहस, वीरता और सर्वोच्च बलिदान का परिचय दिया।
- इस अवसर पर भारत के प्रथम मानव अंतरिक्ष मिशन Gaganyaan Mission के लिए चयनित चार गगनयात्रियों (Gagannauts) में से एक तथा भारतीय वायुसेना के अधिकारी Air Commodore Prasanth Balakrishnan Nair को भी कीर्ति चक्र (Kirti Chakra) से सम्मानित किया गया।
क्या हैं वीरता पुरस्कार?
- Gallantry Awards भारत सरकार द्वारा प्रदान किए जाने वाले सर्वोच्च वीरता अलंकरण हैं। इनका उद्देश्य सशस्त्र बलों, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) तथा राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेशों की पुलिस सेवाओं के उन कर्मियों को सम्मानित करना है जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा, शांति और अखंडता की रक्षा हेतु असाधारण साहस और बलिदान का परिचय दिया हो।
इतिहास
युद्धकालीन वीरता पुरस्कार (1950)
26 जनवरी 1950 को तीन प्रमुख युद्धकालीन वीरता पुरस्कार स्थापित किए गए—
- परम वीर चक्र (Param Vir Chakra)
- महावीर चक्र (Maha Vir Chakra)
- वीर चक्र (Vir Chakra)
इन पुरस्कारों को 15 अगस्त 1947 से प्रभावी माना गया।
शांतिकालीन वीरता पुरस्कार (1952)
4 जनवरी 1952 को तीन अन्य वीरता पुरस्कार प्रारंभ किए गए—
- अशोक चक्र श्रेणी-I
- अशोक चक्र श्रेणी-II
- अशोक चक्र श्रेणी-III
बाद में जनवरी 1967 में इनके नाम परिवर्तित कर दिए गए—
- अशोक चक्र (Ashoka Chakra)
- कीर्ति चक्र (Kirti Chakra)
- शौर्य चक्र (Shaurya Chakra)
पुरस्कारों की घोषणा
वीरता पुरस्कारों की घोषणा वर्ष में दो बार की जाती है—
- गणतंत्र दिवस (26 जनवरी)
- स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त)
2026 रक्षा अलंकरण समारोह (Phase-I)
जून 2026 में आयोजित समारोह में कुल 51 वीरता पदक प्रदान किए गए।
पुरस्कार वितरण
- कीर्ति चक्र (Kirti Chakra) – 07 : 05 जीवित कर्मियों को, 02 मरणोपरांत
- वीर चक्र (Vir Chakra) – 15 : 12 जीवित कर्मियों को, 03 मरणोपरांत
- शौर्य चक्र (Shaurya Chakra) – 29 : 28 जीवित कर्मियों को, 01 मरणोपरांत
यह आँकड़े देश की सुरक्षा के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान और साहस को दर्शाते हैं।
प्रमुख वीरता पुरस्कारों की विशेषताएँ
1. परम वीर चक्र (PVC) : भारत का सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार।
- डिजाइन: कांस्य (Bronze) का गोलाकार पदक। अग्र भाग पर राष्ट्रीय प्रतीक के चारों ओर भगवान इन्द्र के वज्र की चार प्रतिकृतियाँ अंकित होती हैं।
- पिछला भाग: हिंदी एवं अंग्रेजी में “Param Vir Chakra” अंकित। दोनों भाषाओं के बीच कमल के दो पुष्प।
2. अशोक चक्र (Ashoka Chakra) : भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार।
डिजाइन:
- स्वर्णाभ (Gold-Gilt) गोलाकार पदक।
- मध्य में अशोक चक्र की आकृति।
- बाहरी भाग पर कमल पत्तियों की सजावटी सीमा।
3. महावीर चक्र (Maha Vir Chakra) : दूसरा सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार।
डिजाइन:
- चांदी (Silver) का पदक।
- पाँच नुकीले तारे (Five-Pointed Star) का प्रतीक।
- केंद्र में स्वर्णिम राष्ट्रीय प्रतीक।
4. कीर्ति चक्र (Kirti Chakra) : दूसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार।
डिजाइन:
- चांदी का गोलाकार पदक।
- केंद्र में अशोक चक्र की प्रतिकृति।
- हरे रंग का रिबन, जिसमें तीन केसरिया धारियाँ होती हैं।
5. वीर चक्र (Vir Chakra): तीसरा सर्वोच्च युद्धकालीन वीरता पुरस्कार।
डिजाइन:
- चांदी का गोलाकार पदक।
- पाँच नुकीले तारे के मध्य राष्ट्रीय प्रतीक युक्त चक्र।
6. शौर्य चक्र (Shaurya Chakra): तीसरा सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार।
डिजाइन:
- कांस्य का गोलाकार पदक।
- भूरे रंग का रिबन, जिसमें तीन लंबवत धारियाँ होती हैं।
महत्व
वीरता पुरस्कार केवल सैन्य सम्मान नहीं हैं, बल्कि वे राष्ट्र के प्रति समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सर्वोच्च बलिदान की भावना के प्रतीक हैं। ये पुरस्कार सैनिकों और सुरक्षा बलों के मनोबल को बढ़ाने के साथ-साथ नागरिकों को देशभक्ति और सेवा की प्रेरणा भी प्रदान करते हैं।
निष्कर्ष
Gallantry Awards भारत के वीर सैनिकों, पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों के अदम्य साहस का सर्वोच्च राष्ट्रीय सम्मान हैं। ये पुरस्कार उन नायकों की गौरवगाथा को अमर बनाते हैं जिन्होंने राष्ट्र की सुरक्षा और सम्मान के लिए अपने प्राणों की आहुति देने तक का साहस दिखाया।