केंद्रीय गृह मंत्री आज नई दिल्ली में Land Port Management System (LPMS) का आधिकारिक शुभारंभ करेंगे। यह अत्याधुनिक डिजिटल प्लेटफॉर्म भारत की अंतरराष्ट्रीय स्थलीय सीमाओं (Land Borders) पर व्यापार, परिवहन और सुरक्षा प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- LPMS के माध्यम से भारत सरकार सीमा चौकियों (Integrated Check Posts – ICPs) को पूरी तरह डिजिटल और स्मार्ट बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे सीमा पार व्यापार और यात्री आवागमन अधिक सुरक्षित, तेज एवं पारदर्शी बन सकेगा।
क्या है LPMS?
- Land Port Management System (LPMS) एक केंद्रीकृत (Centralized) इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत के सभी अंतरराष्ट्रीय भूमि बंदरगाहों (Land Ports) की गतिविधियों को डिजिटलीकृत और एकीकृत करने के लिए विकसित किया गया है।
- यह प्रणाली सीमा पार होने वाले व्यापार, माल परिवहन और यात्रियों से संबंधित सूचनाओं का डिजिटल प्रबंधन करती है तथा भूमि बंदरगाहों को उन आधुनिक डिजिटल प्रणालियों के समकक्ष लाने का प्रयास करती है जो वर्तमान में हवाई अड्डों और समुद्री बंदरगाहों पर संचालित हैं।
विकसित करने वाली संस्था
LPMS की अवधारणा और विकास भूमि बंदरगाह प्राधिकरण भारत (Land Ports Authority of India – LPAI) द्वारा किया गया है।
उद्देश्य
LPMS का मुख्य उद्देश्य एक सुरक्षित, स्मार्ट और कुशल सीमा प्रबंधन प्रणाली का निर्माण करना है।
यह प्रणाली—
- सीमा पार व्यापार को सुगम बनाएगी।
- माल एवं यात्रियों की आवाजाही को तेज करेगी।
- लॉजिस्टिक लागत को कम करेगी।
- सुरक्षा निगरानी को मजबूत बनाएगी।
- विकसित भारत 2047 (Viksit Bharat 2047) के लक्ष्य को प्राप्त करने में योगदान देगी।
LPMS की प्रमुख विशेषताएँ
1. एकीकृत पंजीकरण प्रणाली (Single Registration Request – SRR)- सभी हितधारकों को केवल एक बार अपनी जानकारी दर्ज करनी होगी। इससे बार-बार दस्तावेज जमा करने की आवश्यकता समाप्त होगी और डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन आसान बनेगा।
2. पूर्वानुमान आधारित स्लॉट एवं प्रतीक्षा समय प्रबंधन– LPMS वास्तविक समय (Real-Time) क्षमता के आधार पर अग्रिम स्लॉट बुकिंग की सुविधा प्रदान करता है।
इसके माध्यम से—
- वाहनों की कतार कम होगी।
- प्रतीक्षा समय का पूर्वानुमान लगाया जा सकेगा।
- लॉजिस्टिक योजना अधिक प्रभावी बनेगी।
3. स्वचालित सुरक्षा एवं प्रवेश-निकास प्रबंधन– सिस्टम डिजिटल रूप से—
- माल ढुलाई विवरण,
- ट्रांसपोर्ट मैनिफेस्ट,
- गेट गतिविधियों का रिकॉर्ड रखता है।
यह Full Body Truck Scanners के साथ एकीकृत होकर सीमा सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाता है।
4. बिजनेस इंटेलिजेंस (BI) एनालिटिक्स
LPMS में उन्नत डैशबोर्ड उपलब्ध हैं जो—
- माल की आवाजाही,
- कंटेनर की स्थिति,
- ट्रांजिट प्रदर्शन,
- परिचालन दक्षता से संबंधित वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करते हैं।
5. ICEGATE से प्रत्यक्ष कनेक्टिविटी
यह प्रणाली ICEGATE (Indian Customs Electronic Gateway) से सीधे जुड़ी हुई है।
इसके माध्यम से—
- Shipping Bill
- Bill of Entry स्वतः जमा किए जा सकते हैं, जिससे सीमा शुल्क (Customs) निकासी प्रक्रिया तेज और त्रुटिरहित बनती है।
6. यार्ड एवं वेयरहाउस प्रबंधन
LPMS में समर्पित यार्ड और गोदाम प्रबंधन मॉड्यूल शामिल हैं जो—
- भंडारण स्थान का बेहतर आवंटन करते हैं।
- भीड़भाड़ कम करते हैं।
- माल प्रबंधन को अधिक कुशल बनाते हैं।
7. सिंगल विंडो डिजिटल भुगतान सुविधा
व्यापारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से—
- सीमा शुल्क (Custom Duty)
- पार्किंग शुल्क
- वेब्रिज शुल्क
- टर्मिनल शुल्क का भुगतान कर सकते हैं। इससे वित्तीय लेन-देन सरल एवं तेज हो जाते हैं।
महत्व
- LPMS भारत की सीमा प्रबंधन प्रणाली में डिजिटल क्रांति का प्रतीक है। यह न केवल व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देगा, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूत करेगा।
- यह पहल भारत के पड़ोसी देशों के साथ व्यापारिक संपर्क को बेहतर बनाएगी तथा सीमा क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगी।
निष्कर्ष
Land Port Management System (LPMS) भारत के सीमा प्रबंधन, व्यापार सुगमता और डिजिटल शासन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण सुधार है। एकीकृत डेटा प्रबंधन, स्मार्ट लॉजिस्टिक्स, स्वचालित सुरक्षा निगरानी तथा डिजिटल भुगतान सुविधाओं के माध्यम से यह प्रणाली भारत के अंतरराष्ट्रीय भूमि बंदरगाहों को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।