केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने नई दिल्ली में BHAVYA (Bharat Audyogik Vikas Yojana) Portal का शुभारंभ किया। इसके साथ ही केंद्र सरकार की ₹33,660 करोड़ की भारत औद्योगिक विकास योजना (BHAVYA) का औपचारिक क्रियान्वयन शुरू हो गया है।
- इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य देशभर में 100 विश्वस्तरीय, निवेश-तैयार औद्योगिक पार्कों का विकास करना है।
क्या है BHAVYA पोर्टल?
- BHAVYA पोर्टल एक अत्याधुनिक सिंगल-विंडो डिजिटल मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म है, जिसे भारत के नए औद्योगिक पार्कों की संपूर्ण विकास प्रक्रिया की निगरानी के लिए तैयार किया गया है। यह राज्य सरकारों द्वारा परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत करने, निर्माण कार्य की वास्तविक समय (Real-Time) में निगरानी करने तथा निवेशकों को उपयुक्त औद्योगिक क्षेत्रों से जोड़ने का कार्य करेगा।
- इस पोर्टल का विकास वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत किया गया है तथा इसका क्रियान्वयन राष्ट्रीय औद्योगिक गलियारा विकास निगम (NICDC) द्वारा किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य
- BHAVYA योजना का मुख्य लक्ष्य देश में विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र को प्रोत्साहित करना तथा घरेलू एवं विदेशी निवेशकों को बेहतर औद्योगिक अवसंरचना उपलब्ध कराना है। इसके अंतर्गत विकसित किए जाने वाले औद्योगिक पार्कों में प्लग-एंड-प्ले सुविधाओं से युक्त औद्योगिक भूखंड उपलब्ध होंगे, जिससे उद्योगों की स्थापना में लगने वाला समय और लागत कम होगी।
- यह योजना भूमि अधिग्रहण एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों जैसी पारंपरिक बाधाओं को कम कर बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश और रोजगार सृजन को बढ़ावा देगी।
योजना की प्रमुख विशेषताएँ
1. चुनौती आधारित चयन प्रणाली
- राज्यों को धनराशि स्वतः नहीं मिलेगी। उन्हें BHAVYA पोर्टल पर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) प्रस्तुत करनी होगी, जिसमें भूमि उपलब्धता, स्थानीय औद्योगिक क्षमता और संभावित निवेशकों की रुचि का विवरण देना होगा। प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया के आधार पर सर्वश्रेष्ठ परियोजनाओं का चयन किया जाएगा।
2. क्षेत्रानुसार औद्योगिक पार्कों का आकार
देश के विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पार्कों को तीन श्रेणियों में विभाजित किया गया है—
- पहाड़ी क्षेत्र, केंद्रशासित प्रदेश एवं पूर्वोत्तर राज्य: 25 एकड़ तक के छोटे औद्योगिक पार्क।
- मध्यम आकार के राज्य: 100 से 500 एकड़ तक के औद्योगिक क्षेत्र।
- शहरी क्षेत्रों के निकट: 1000 एकड़ तक के मेगा इंडस्ट्रियल पार्क।
3. 51:49 साझेदारी मॉडल
- इस योजना के अंतर्गत राज्य सरकारें भूमि उपलब्ध कराएंगी जबकि केंद्र सरकार NICDC के माध्यम से आधारभूत ढाँचे के विकास हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करेगी। यह व्यवस्था 51:49 साझेदारी मॉडल पर आधारित होगी।
4. चरणबद्ध क्रियान्वयन
- 1 जून से 31 जुलाई 2026 तक प्राप्त आवेदनों में से प्रथम चरण के 20 औद्योगिक पार्कों का चयन किया जाएगा।
- 30 सितंबर 2026 तक प्राप्त प्रस्तावों के आधार पर अतिरिक्त 30 पार्कों का चयन किया जाएगा।
5. हाई-टेक और नवाचार केंद्र
- औद्योगिक पार्कों में स्टार्टअप, डीप-टेक कंपनियों, अनुसंधान एवं विकास (R&D) प्रयोगशालाओं तथा ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स (GCCs) के लिए विशेष क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।
6. इन-हाउस गुणवत्ता परीक्षण प्रयोगशालाएँ
- नियामकीय स्वीकृतियों की प्रक्रिया को तेज करने के लिए पार्कों के भीतर ही आधुनिक परीक्षण प्रयोगशालाएँ स्थापित की जाएंगी। इनमें BIS, EIA तथा FSSAI जैसे संस्थानों की भागीदारी होगी।
7. वैश्विक निवेशकों के लिए विशेष परिसर
- विदेशी निवेश को आकर्षित करने के लिए जापान, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया और स्विट्ज़रलैंड जैसे देशों के निवेशकों हेतु विशेष अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक परिसर विकसित किए जा सकते हैं। इनमें आवास, सामाजिक सुविधाएँ और अन्य आवश्यक अवसंरचना भी उपलब्ध होगी।
निष्कर्ष
BHAVYA योजना भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। आधुनिक अवसंरचना, प्रतिस्पर्धी चयन प्रक्रिया, निवेश-अनुकूल वातावरण तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं के कारण यह योजना देश के औद्योगिक विकास को नई ऊँचाइयों तक ले जाने में सहायक सिद्ध हो सकती है।