DRDO और IAF ने मिलकर किया स्वदेशी air-to-surface मिसाइल का सफल flight-test — ITR चांदीपुर ने की tracking
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रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय वायु सेना (IAF) ने स्वदेशी RudraM-II air-to-surface मिसाइल का सफलतापूर्वक flight-test किया है। यह भारत की precision strike क्षमताओं को मजबूत करने और रक्षा प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
परीक्षण का विवरण
- रक्षा मंत्रालय के अनुसार मिसाइल को एक airborne platform से extreme release conditions के तहत test-fire किया गया। परीक्षण सभी critical subsystems और flight parameters के प्रदर्शन को validate करने के लिए डिज़ाइन किए गए थे।
- Integrated Test Range (ITR), चांदीपुर द्वारा तैनात tracking और monitoring instruments के नेटवर्क के माध्यम से captured data ने मिसाइल के प्रदर्शन और परीक्षणों की सफलता की पुष्टि की।
RudraM-II का महत्व
- Precision Strike Capability: RudraM-II एक स्वदेशी air-to-surface मिसाइल है जो वायु सेना को जमीनी लक्ष्यों पर सटीक प्रहार करने की क्षमता देती है। यह दुश्मन के radar systems, communication centers और अन्य strategic targets को neutralize करने में सक्षम है।
- Atmanirbhar Bharat को बल: DRDO का यह सफल परीक्षण रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक ठोस कदम है। स्वदेशी precision strike weapons की उपलब्धता भारत को import dependence से मुक्त करती है और strategic autonomy को मजबूत करती है।
- IAF की operational क्षमता में वृद्धि: RudraM series की मिसाइलें IAF को Anti-Radiation Missile (ARM) क्षमता प्रदान करती हैं — जो enemy air defense systems को suppress करने के लिए अनिवार्य है।
- ITR चांदीपुर की भूमिका: ओडिशा में स्थित Integrated Test Range भारत के मिसाइल परीक्षण का प्रमुख केंद्र है। इसकी sophisticated tracking infrastructure ने परीक्षण के सभी parameters की real-time निगरानी सुनिश्चित की।
RudraM Series का संदर्भ
- RudraM series DRDO द्वारा विकसित स्वदेशी anti-radiation missiles की श्रृंखला है।
- RudraM-I का भी पहले सफलतापूर्वक परीक्षण हो चुका है।
- RudraM-II इस series का अधिक उन्नत संस्करण है जो extreme conditions में भी सटीक प्रदर्शन करने में सक्षम है।
महत्व
- वर्तमान भू-राजनीतिक परिदृश्य में — जहां भारत को उत्तर और पश्चिम दोनों सीमाओं पर चुनौतियों का सामना है — स्वदेशी precision strike weapons का विकास रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- RudraM-II की सफलता भारत के Defence Technology Ecosystem की परिपक्वता का प्रमाण है और यह संदेश देती है कि भारत अब केवल defence importer नहीं बल्कि एक capable defence manufacturer बन रहा है।
स्रोत: रक्षा मंत्रालय | DRDO | IAF | ITR चांदीपुर
