MAHA Water Mission: जल क्षेत्र में नवाचार की नई लहर — ₹200 करोड़ की राष्ट्रीय पहल लॉन्च

ANRF, जल शक्ति मंत्रालय और ISRO का त्रिकोणीय सहयोग — Startups और MSMEs को मिलेगा ₹20 करोड़ तक का अनुदान

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केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और जल शक्ति मंत्री ने संयुक्त रूप से ₹200 करोड़ की MAHA Water Mission का शुभारंभ किया। यह मिशन जल क्षेत्र में नवाचार को गति देने और मौलिक अनुसंधान को जमीनी स्तर पर तैनाती तक लाने की दिशा में एक महत्वाकांक्षी राष्ट्रीय कार्यक्रम है।

MAHA Water Mission क्या है?

  • MAHA (Missions for Advancement in High-impact Areas) Water Mission एक उच्च-प्राथमिकता वाला राष्ट्रीय कार्यक्रम है जो मौलिक अनुसंधान और क्षेत्रीय तैनाती के बीच की खाई को पाटने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह उच्च प्रभाव वाले जल समाधानों के प्रौद्योगिकी विकास, सत्यापन और व्यावसायीकरण के लिए एक एकीकृत मार्ग के रूप में कार्य करता है।

शामिल संगठन

यह मिशन तीन प्रमुख संस्थाओं का सहयोगात्मक प्रयास है —

  • Anusandhan National Research Foundation (ANRF): भारत में अनुसंधान वित्तपोषण को लोकतांत्रिक और सुव्यवस्थित करने का प्राथमिक निकाय।
  • जल शक्ति मंत्रालय: जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प के लिए नोडल मंत्रालय।
  • अंतरिक्ष विभाग / ISRO: जल मानचित्रण और आकलन के लिए उपग्रह प्रौद्योगिकियां और geospatial data प्रदान करना।

प्रमुख विशेषताएं

  • वित्तीय सहायता: पांच वर्षों में ₹200 करोड़ का अनुमानित परिव्यय। चयनित बहु-विषयक consortia को ₹20 करोड़ तक का अनुदान मिल सकता है।
  • बहु-विषयक Consortia: विश्वविद्यालयों, राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं, अनुसंधान संगठनों, Startups, MSMEs और उद्योग भागीदारों का मिश्रण।
  • Open Call for Proposals: मिशन में Startups और MSMEs के लिए विशेष रूप से Product और Prototype Development के लिए एक dedicated Open Call शामिल है — यह सुनिश्चित करता है कि नवाचार केवल बड़े संस्थानों तक सीमित न रहे।
  • पांच प्राथमिकता विषय:
  • पहला — जल संसाधन आकलन और टिकाऊ प्रबंधन। दूसरा — पेयजल (गुणवत्ता और पहुंच)। तीसरा — जल गुणवत्ता और पारिस्थितिकीय स्वास्थ्य। चौथा — जल उपयोग दक्षता और Circular Economy। पांचवां — जलवायु लचीलापन और अनुकूलन।
  • डिजिटल एकीकरण: Jal Sanchay Jan Bhagidari, Citizen Tracking and Reporting (JSJB-CTR) Portal और App के लॉन्च के साथ real-time monitoring और सार्वजनिक भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।

महत्व

  • समावेशी अनुसंधान वित्तपोषण: MAHA Water Mission प्रमुख संस्थानों से परे विश्वविद्यालयों, Startups और युवा शोधकर्ताओं तक वित्तपोषण का विस्तार करती है — जो देश भर में नवाचार को बढ़ावा देगा।
  • ISRO का उपयोग: ISRO के satellite data का उपयोग भूजल मानचित्रण और सिंचाई योजना के लिए होगा — जो वैज्ञानिक और जलवायु-अनुकूल जल प्रबंधन को समर्थन देगा।
  • जल संकट का समाधान: भारत में प्रति व्यक्ति जल उपलब्धता तेजी से घट रही है। MAHA Water Mission इस संकट को तकनीकी नवाचार, startup ecosystem और नागरिक भागीदारी के माध्यम से एक साथ संबोधित करने का प्रयास है।
  • NEP 2020 और Anusandhan के साथ संरेखण: ANRF की भागीदारी MAHA Water Mission को NEP 2020 के अनुसंधान और नवाचार लक्ष्यों से जोड़ती है — जो भारत को एक global research hub बनाने की दिशा में एक व्यावहारिक कदम है।

स्रोत: DD News | जल शक्ति मंत्रालय | ANRF | ISRO