MSME मंत्रालय ने की अगुवाई — AI, Sovereign Technology, Bioindustry और Circular Economy पर बड़े निर्णय
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भारत की 2026 BRICS अध्यक्षता के तहत सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) ने BRICS PartNIR track के अंतर्गत 2nd SME Working Group Meeting सफलतापूर्वक आयोजित की। यह बैठक इस बात का संकेत है कि भारत BRICS को केवल एक कूटनीतिक मंच नहीं बल्कि एक ठोस औद्योगिक और तकनीकी सहयोग का आधार बनाना चाहता है।
BRICS PartNIR क्या है?
- BRICS Partnership on the New Industrial Revolution (PartNIR) एक संरचित, उच्च-स्तरीय सहयोग ढांचा है जो BRICS सदस्य देशों को चौथी औद्योगिक क्रांति (Industry 4.0) के आर्थिक और तकनीकी बदलावों से गुजरने में मार्गदर्शन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह विस्तारित BRICS bloc में औद्योगिक क्षमताओं, डिजिटल प्रणालियों और टिकाऊ प्रथाओं को एकीकृत करने पर केंद्रित है।
- स्थापना: PartNIR को 2021 में BRICS ढांचे के भीतर एक संस्थागत तंत्र बनाने के लिए औपचारिक रूप से स्थापित किया गया था।
- उद्देश्य: डिजिटल परिवर्तन को तेज करना, औद्योगिक उत्पादकता को अधिकतम करना, तकनीकी स्वतंत्रता सुनिश्चित करना, MSMEs को क्षेत्रीय और वैश्विक value chains में एकीकृत करना और एक हरित, circular economy की ओर संक्रमण को गति देना।
छह प्राथमिकता क्षेत्र
- SME Digitalization और Technology Access
BRICS में नए सदस्य देशों के जुड़ने के बाद support networks को अपडेट करने और operational strategies को पुनर्गणना करने के लिए एक dynamic BRICS SME Work Plan तैयार किया जा रहा है। छोटे व्यवसायों को workflows automate करने, resources optimize करने और market intelligence प्राप्त करने में मदद के लिए AI और डिजिटल tools को equalizer के रूप में तैनात किया जाएगा। Regional digital B2B platforms के माध्यम से market access का विस्तार होगा।
- Sovereign AI for Digital Industrialization
यह सबसे महत्वपूर्ण और strategic स्तंभ है। बड़े बहुराष्ट्रीय निगमों द्वारा digital infrastructure और pricing पर monopolistic नियंत्रण को कम करना। BRICS देशों की राष्ट्रीय भाषाओं और सांस्कृतिक ढांचों के अनुकूल open-source Generative AI foundational models का सह-विकास। भारी औद्योगिक अनुप्रयोगों के लिए optimized shared computing, data storage और deep-learning processing facilities का निर्माण।
- Bioindustry और Global Supply Chains
Green Chemistry — स्थानीय biomass का उपयोग करके हरित polymers, plastics, pharmaceuticals और cosmetics के उत्पादन के लिए biotechnology को manufacturing के साथ एकीकृत करना। Synthetic biology और genetic resources के biomapping के लिए inter-institutional सहयोग और industrial biorefining parks की स्थापना।
- Circular Economy Practices
Eco-design, remanufacturing, industrial recycling और waste reuse को बड़े पैमाने पर scale up करने के लिए एक समन्वित ढांचा। टिकाऊ उपभोग मॉडल की mapping के लिए एक dedicated Circular Economy Working Group की स्थापना — जो green job creation को तेज करेगी।
- Intelligent Manufacturing और Robotics
उभरते बाजारों में परिचालन लागत को कम करने और विनिर्माण गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए IoT, robotics और उन्नत automation को अपनाने में तेजी। Industry 4.0 के लाभों को विकासशील BRICS अर्थव्यवस्थाओं तक लोकतांत्रिक रूप से पहुंचाना।
- हरित और समावेशी विकास
औद्योगिक विकास को पर्यावरणीय स्थिरता के साथ संतुलित करना — सभी BRICS देशों के लिए inclusive और green growth pathway सुनिश्चित करना।
भारत की अध्यक्षता में महत्व
- MSME की केंद्रीय भूमिका: भारत द्वारा MSME मंत्रालय को PartNIR की अगुवाई देना रणनीतिक है — क्योंकि BRICS के सभी देशों में छोटे और मध्यम उद्यम रोजगार और GDP का आधार हैं। SME digitalization पर focus India की अपनी MSME नीति — MachFin Mart, RRB Co-Lending और MoRE Programme — के अनुरूप है।
- Sovereign AI का महत्व: जब पश्चिमी देश AI infrastructure पर नियंत्रण बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, तब BRICS का open-source Generative AI models विकसित करने का संकल्प तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में एक साहसिक कदम है।
- भारत की वैश्विक स्थिति: 2026 की BRICS अध्यक्षता में भारत ने PartNIR को एक concrete agenda के साथ आगे बढ़ाकर यह स्पष्ट किया है कि वह Global South के लिए एक genuine technology और industrial partnership का नेतृत्व करने में सक्षम है।
स्रोत: ANI | The Hindu | MSME मंत्रालय | BRICS 2026 India Chairship
