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CCEA ने दी मंजूरी — AI, Blockchain और NLP से लैस होगा देश का सार्वजनिक वितरण तंत्र
29 मई, 2026 | सरकारी योजना | उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (CCEA) ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े कार्यक्रमों को एक समेकित छत्र योजना के रूप में जारी रखने और एकीकृत करने की मंजूरी दी है। इस नई योजना का नाम है — SARTHAK-PDS अर्थात Scheme for Assistance in Ration Transport and Handling-Income with Automation in PDS।
SARTHAK-PDS क्या है?
- यह एक नई तकनीक-आधारित समेकित कल्याण योजना है जो दो प्रमुख चल रहे कार्यक्रमों को एक छत के नीचे लाती है —
- पहला, NFSA के अंतर्गत राज्य एजेंसियों को खाद्यान्न के राज्य के भीतर परिवहन और उचित मूल्य दुकान (FPS) डीलरों के मार्जिन के लिए सहायता।
- दूसरा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली में प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिकीकरण और सुधार की योजना — SMART PDS।
- इस एकीकरण का उद्देश्य प्रशासनिक बिखराव को समाप्त करना और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 (NFSA) के वैधानिक कार्यान्वयन को व्यापक रूप से सुदृढ़ करना है।
नोडल एजेंसी: खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार।
योजना का उद्देश्य
- SARTHAK-PDS का मूल लक्ष्य last-mile food delivery security सुनिश्चित करना है — यानी यह गारंटी देना कि राशन अंतिम लाभार्थी तक बिना किसी अवरोध और भ्रष्टाचार के पहुंचे। इसके लिए खाद्यान्न परिवहन और FPS डीलर मार्जिन के लिए सुनिश्चित वित्तीय समर्थन प्रदान किया जाएगा।
योजना की प्रमुख विशेषताएं
- वित्तीय संरचनात्मक सहायता: केंद्रीय वित्तीय सहायता को संशोधित और सुव्यवस्थित किया जाएगा ताकि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा राज्य के भीतर अनाज की हैंडलिंग, भंडारण और परिवहन पर किए जाने वाले वास्तविक परिचालन व्यय को पूरा किया जा सके।
- FPS डीलरों की आर्थिक स्थिति में सुधार: स्थानीय राशन दुकानों को जीवित रखने और ease of doing business को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य automation frameworks से जुड़े उच्च और मानकीकृत डीलर कमीशन की गारंटी दी जाएगी।
- उन्नत तकनीकी आधार: SARTHAK-PDS की सबसे खास विशेषता इसका आधुनिक तकनीकी ढांचा है —
- AI और Machine Learning (ML): आपूर्ति श्रृंखला की predictive tracking, खाद्यान्न के व्यवस्थित विचलन की पहचान और algorithmic धोखाधड़ी-रोधी प्रणाली के लिए उपयोग।
- Natural Language Processing (NLP): लाभार्थियों के लिए बहुभाषी, स्वचालित इंटरैक्टिव voice response और शिकायत पंजीकरण प्रणाली।
- Blockchain Technology: केंद्रीय गोदामों से व्यक्तिगत लाभार्थी की थाली तक अनाज आवंटन को ट्रैक करने वाली अपरिवर्तनीय ledger entries का निर्माण — जो पूर्ण सुरक्षा की गारंटी देती है।
- इस योजना में तीन प्रमुख AI-सक्षम मॉड्यूल होंगे — NIRMAL, ASHA और SAKSHAM।
- एकीकृत डेटा आर्किटेक्चर: सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मानकीकृत और interoperable database infrastructure अनिवार्य होगा। IM-PDS, Mera Ration, Anna Mitra और Anna Sahayata जैसे मौजूदा tracking platforms इसमें एकीकृत किए जाएंगे।
- राज्य कमांड कंट्रोल सेंटर: राज्य स्तर पर केंद्रीकृत नियंत्रण केंद्र स्थापित किए जाएंगे जो प्रशासकों को आपूर्ति श्रृंखला की गिरावट, इन्वेंटरी स्तर और e-PoS (Electronic Point of Sale) उपकरणों की परिचालन स्थिति पर real-time, data-driven निगरानी देंगे।
- ISO-प्रमाणित प्रक्रिया गुणवत्ता: सभी आपूर्ति डिपो में मानकीकृत परिचालन दिशानिर्देश लागू किए जाएंगे ताकि प्रक्रिया पारदर्शिता, सामग्री सुरक्षा और संस्थागत जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।
महत्व
SARTHAK-PDS योजना भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव का प्रतीक है। जब AI अनाज की चोरी पकड़ेगा, Blockchain हर दाने का हिसाब रखेगा और NLP हर लाभार्थी की शिकायत सुनेगा — तब यह महज एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि खाद्य सुरक्षा की एक तकनीकी क्रांति होगी। देश के करोड़ों राशन कार्ड धारकों के लिए यह सुनिश्चित करना कि उनका हक उन तक पहुंचे — यही SARTHAK-PDS की असली ताकत है।
स्रोत: PIB | उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय, भारत सरकार
| Question based on the Topic | |
| Mains question | Prelims Question |
| प्रश्न: SARTHAK-PDS योजना के उद्देश्यों और प्रमुख विशेषताओं की विवेचना कीजिए। यह योजना राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के प्रभावी कार्यान्वयन में किस प्रकार सहायक होगी? (250 शब्द | 15 अंक) | Q1. SARTHAK-PDS योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. यह योजना SMART-PDS और NFSA के अंतर्गत राज्य एजेंसियों को खाद्यान्न परिवहन सहायता — इन दोनों को एकीकृत करती है। 2. इस योजना में Blockchain का उपयोग आपूर्ति श्रृंखला में विचलन की पहचान और algorithmic धोखाधड़ी-रोधी प्रणाली के लिए किया जाएगा। 3. NIRMAL, ASHA और SAKSHAM इस योजना के तीन AI-सक्षम मॉड्यूल हैं। 4. इस योजना का नोडल विभाग कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय है। उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं? (a) केवल एक (b) केवल दो (c) केवल तीन (d) सभी चार उत्तर: (b) केवल दो व्याख्या: कथन 1 सही है — SARTHAK-PDS दो कार्यक्रमों को एकीकृत करती है। कथन 2 गलत है — Blockchain का उपयोग केंद्रीय गोदामों से लाभार्थी तक अनाज आवंटन को ट्रैक करने के लिए unalterable ledger entries बनाने हेतु है। Algorithmic fraud detection का काम AI और ML करते हैं, न कि Blockchain। कथन 3 सही है — तीनों AI मॉड्यूल सही हैं। कथन 4 गलत है — नोडल विभाग खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग, उपभोक्ता मामले मंत्रालय है, न कि कृषि मंत्रालय। |
