एक ही जैविक नमूने में सैकड़ों प्रोटीन मैप करने में सक्षम यह नई इमेजिंग प्रणाली, पारंपरिक सीमाओं को तोड़ती है।
भारत के वैज्ञानिकों ने प्रोटीन इमेजिंग के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (JNCASR), बेंगलुरु — जो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संस्थान है — के शोधकर्ताओं ने एक अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म विकसित किया है, जिसे CLEAR नाम दिया गया है।
- पूर्ण नाम: Cleavable Light-Erased Antibody Reporter
- विकसित किया: JNCASR, बेंगलुरु
- मंत्रालय: विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
- प्रमुख उपयोग: कैंसर एवं तंत्रिका रोग अनुसंधान
CLEAR तकनीक क्या है?
CLEAR एक मल्टीप्लेक्स्ड स्थानिक प्रोटीन इमेजिंग प्लेटफॉर्म है। पारंपरिक इमेजिंग में अलग-अलग प्रोटीन के लिए अलग-अलग रंगीन फ्लोरोसेंट टैग चाहिए होते हैं और माइक्रोस्कोप एक बार में केवल कुछ रंगों को ही पहचान सकता है। CLEAR इस सीमा को एक चक्रीय “मिटाओ और फिर लिखो” प्रक्रिया से पार कर लेती है — ठीक जैसे एक ही चॉकबोर्ड पर बार-बार नई जानकारी लिखते रहना।
यह काम कैसे करती है?
- लक्षित लेबलिंग: CLEAR प्रोब — एंटीबॉडी जिनसे एक प्रकाश-संवेदनशील रासायनिक कड़ी के ज़रिए फ्लोरोसेंट टैग जुड़ा होता है — ऊतक नमूने में विशेष प्रोटीनों को चिह्नित करते हैं।
- प्रथम इमेजिंग: माइक्रोस्कोप के नीचे नमूने की छवि ली जाती है।
- फोटोलिटिक इरेजिंग: 365 nm UV LED प्रकाश की एक हल्की पल्स रासायनिक बंध को तोड़ देती है और फ्लोरोसेंस संकेत मिट जाता है — बिना ऊतक को नुकसान पहुंचाए।
- चक्रीय पुनर्लेखन: नए प्रोटीनों को उसी स्पेक्ट्रल विंडो में लेबल कर इमेज किया जाता है। यह चक्र बार-बार दोहराया जाता है।
इस तकनीक की खास बातें
- हाई-प्लेक्स मल्टीप्लेक्सिंग: एक ही नमूने में सैकड़ों प्रोटीन को विज़ुअलाइज़ करना संभव।
- जीवित कोशिका अनुकूल: पुरानी विधियों में कठोर रसायनों या ताप का उपयोग होता था जो ऊतक को नष्ट कर सकता था। CLEAR की प्रकाश-आधारित प्रक्रिया नाज़ुक जैविक नमूनों को सुरक्षित रखती है।
- उच्च स्थानिक रेज़ॉल्यूशन: कोशिकाओं के बीच संचार और ऊतक के सूक्ष्म वातावरण को समझने के लिए प्रोटीन की सटीक स्थिति का मानचित्र तैयार होता है।
- तेज़ और किफ़ायती: केवल एक फ्लोरोसेंट चैनल बार-बार उपयोग होने से जटिल मल्टी-लेज़र सेटअप की ज़रूरत नहीं रहती।
महत्व
CLEAR तकनीक का सर्वाधिक प्रभाव कैंसर और तंत्रिका संबंधी विकारों के अनुसंधान में पड़ेगा। जब वैज्ञानिक एक ही ट्यूमर ऊतक में एक साथ दर्जनों प्रोटीन मार्करों को देख सकेंगे, तो रोग के सटीक तंत्र को समझना और व्यक्तिगत उपचार विकसित करना बहुत आसान हो जाएगा। यह भारत के लिए जैव-चिकित्सा प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक गर्व का क्षण है।
स्रोत: DD News | JNCASR, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय
| Question based on the Topic | |
| Mains question | Prelims Question |
| Question: CLEAR Technology पारंपरिक multiplexed protein imaging की सीमाओं को किस प्रकार दूर करती है? कैंसर और तंत्रिका संबंधी रोगों के उपचार में इसकी संभावित भूमिका का परीक्षण कीजिए। | 1. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: CLEAR technology एक multiplexed spatial protein imaging platform है जिसे JNCASR द्वारा विकसित किया गया है। यह fluorescence signal को मिटाने के लिए 365 nm UV LED light का उपयोग करती है। JNCASR विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत एक वैधानिक निकाय (Statutory Body) है। CLEAR technology जीवित कोशिकाओं के साथ असंगत है क्योंकि यह कठोर रसायनों का उपयोग करती है। उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं? (a) केवल एक (b) केवल दो (c) केवल तीन (d) सभी चार उत्तर: (b) केवल दो (कथन 1 और 2 सही हैं। कथन 3 गलत है — JNCASR एक Statutory Body नहीं बल्कि Autonomous Institute है। कथन 4 गलत है — CLEAR जीवित कोशिकाओं के साथ पूरी तरह compatible है।) |
