ALMM List-II: सौर सेल के लिए घरेलू सोर्सिंग की अनिवार्यता लागू — 1 जून 2026 से नया युग शुरू

MNRE ने विस्तार देने से किया इनकार — Atmanirbhar Bharat की दिशा में बड़ा कदम, लेकिन क्षमता अंतर की चुनौती बरकरार

Download : 2nd June ‘s Daily Current Affairs Analysis

नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) ने Approved List of Models and Manufacturers (ALMM) List-II के कार्यान्वयन को 1 जून 2026 से परे कोई blanket extension देने से इनकार कर दिया है। इसका अर्थ है कि अब सरकारी और सरकार-सहायता प्राप्त सौर परियोजनाओं में केवल ALMM-अनुमोदित घरेलू सौर PV cells का ही उपयोग अनिवार्य होगा।

ALMM क्या है?

ALMM — Approved List of Models and Manufacturers — MNRE द्वारा अनुमोदित सौर photovoltaic (PV) modules और manufacturers की एक सूची है। इसे 2019 में MNRE द्वारा सौर PV modules की गुणवत्ता, विश्वसनीयता और घरेलू सोर्सिंग सुनिश्चित करने के लिए शुरू किया गया था।

  • दो सूचियां: ALMM में दो सूचियां हैं — List-I: Solar PV Modules के लिए — पहले से लागू। List-II: Solar PV Cells के लिए — अब 1 जून 2026 से लागू।
  • अनिवार्यता: केवल ALMM में शामिल solar PV modules और cells का ही उपयोग अधिसूचित परियोजनाओं में किया जा सकता है — जिनमें सरकारी परियोजनाएं, सरकार-सहायता प्राप्त परियोजनाएं, open access और net-metering परियोजनाएं शामिल हैं।

ALMM List-II का औचित्य और महत्व

  • नीतिगत निश्चितता: एक स्थिर नियामक ढांचा प्रदान करता है जो निवेशकों और निर्माताओं को दीर्घकालिक योजना बनाने में सक्षम बनाता है।
  • घरेलू विनिर्माण को बल: एक स्वदेशी सौर विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र के विकास को समर्थन देता है — जो भारत के सौर ऊर्जा लक्ष्यों की आत्मनिर्भर नींव तैयार करेगा।
  • आपूर्ति श्रृंखला में आत्मनिर्भरता: नवीकरणीय ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं में आत्मनिर्भरता को बढ़ाता है और आयात निर्भरता को कम करता है — विशेष रूप से चीन से सौर cells के आयात पर।

प्रमुख चुनौतियां

  • क्षमता असंतुलन: भारत की सबसे बड़ी चुनौती यह है कि देश में solar module capacity लगभग 200 GW है जबकि solar cell capacity केवल ~30 GW है। यह विशाल अंतर घरेलू आपूर्ति पर दबाव डालेगा।
  • छोटे निर्माताओं पर दबाव: छोटे और गैर-एकीकृत निर्माताओं को आपूर्ति बाधाओं और उच्च input costs का सामना करना पड़ सकता है।
  • बाजार एकीकरण का जोखिम: बड़े एकीकृत खिलाड़ियों पर बढ़ती निर्भरता से प्रतिस्पर्धा कम हो सकती है — जो दीर्घकालिक innovation के लिए अच्छा नहीं होगा।
  • परियोजना लागत में वृद्धि: अधिक महंगी घरेलू cells अल्पकालिक रूप से समग्र सौर परियोजना लागत बढ़ा सकती हैं — जो भारत के 500 GW नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य की प्रगति को कुछ हद तक प्रभावित कर सकता है।

महत्व

  • ALMM List-II का लागू होना भारत की solar manufacturing value chain में backward integration की दिशा में एक रणनीतिक निर्णय है।
  • अभी तक भारत modules बनाता था लेकिन cells के लिए आयात पर निर्भर था — List-II इस निर्भरता को तोड़ने का प्रयास है। यह PLI scheme for Solar PV Manufacturing के साथ मिलकर भारत को वैश्विक सौर आपूर्ति श्रृंखला में एक integrated player बनाने की दिशा में काम करेगा।

स्रोत: MNRE