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Logistics Port Performance Index और चार डिजिटल प्लेटफॉर्म एक साथ — भारतीय समुद्री प्रशासन अब AI-ready और cloud-governed ढांचे में
31 मई, 2026 | सरकारी योजना | बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय
केंद्रीय मंत्री ने जवाहरलाल नेहरू बंदरगाह प्राधिकरण (JNPA) के 37वें स्थापना दिवस पर Logistics Port Performance Index (LPPI) और चार प्रमुख डिजिटल शासन प्लेटफॉर्म एक साथ लॉन्च किए। ये सुधार भारत की समुद्री प्रशासन प्रणाली को पारंपरिक कागज-आधारित कार्यप्रणाली से एक एकीकृत, AI-ready और cloud-governed ढांचे में रूपांतरित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं।
ये सुधार क्या हैं?
- नवोन्मेषी समुद्री डिजिटल सुधारों में एक राष्ट्रीय प्रदर्शन बेंचमार्किंग सूचकांक और Directorate General of Shipping (DGS) द्वारा विकसित चार उन्नत डिजिटल एप्लिकेशन मॉड्यूल शामिल हैं।
- उद्देश्य: बंदरगाह संचालन को अनुकूलित करना, पोत turnaround और container dwell समय को न्यूनतम करना, जहाज मालिकों के लिए प्रशासनिक बाधाओं को समाप्त करना, मजबूत सुरक्षा अनुपालन सुनिश्चित करना और भारतीय नाविकों की वैश्विक कल्याण ट्रैकिंग को बढ़ाना।
पांच प्रमुख पहलें
- Logistics Port Performance Index (LPPI)
यह सूचकांक राष्ट्रीय Sagar Aankalan ढांचे के तहत विकसित किया गया है और PM Gati Shakti Master Plan के साथ संरेखित है। यह बंदरगाहों को तीन कार्गो श्रेणियों में बेंचमार्क करता है — Dry Bulk, Liquid Bulk और Container Cargo।
मूल्यांकन के लिए operational indicators का उपयोग होता है जैसे — पोत turnaround समय, berth idle time, pre-berthing प्रतीक्षा समय और ship berth day output। यह सूचकांक पूर्ण प्रदर्शन और वर्ष-दर-वर्ष सुधार मेट्रिक्स दोनों को संतुलित करता है।
- 24×7 e-Navik Grievance Redressal Module
यह भारतीय नाविकों के लिए एक समर्पित वैश्विक कल्याण इंटरफेस है। घर से दूर उच्च-तनाव की स्थिति में काम करने वाले नाविक अब दुनिया में कहीं से भी अपनी शिकायतें दर्ज कर सकते हैं — e-Navik portal, WhatsApp, dedicated email और अंतर्राष्ट्रीय toll-free helplines सहित कई चैनलों के माध्यम से।
- e-Samudra Ship Registration Module
यह एक प्रमुख flagging सुधार है जो भारतीय ध्वज के तहत वाणिज्यिक जहाजों को पंजीकृत करने के लिए आवश्यक जटिल कागजी कार्रवाई को पूरी तरह से डिजिटाइज़ और सुव्यवस्थित करता है। यह प्रशासनिक देरी को समाप्त करते हुए शीर्ष वैश्विक open-registry समुद्री देशों के ease-of-business मानकों के बराबर लाता है।
- Medical Practitioner Module
यह एक नियामक डिजिटल पोर्टल है जो समुद्री कर्मीदलों को fitness certificates जारी करने के लिए अधिकृत चिकित्सा पेशेवरों को सुरक्षित रूप से manage, register और verify करता है। यह एक centralized database के रूप में कार्य करता है जो fraudulent health certifications के जोखिम को कम करता है — यह सुनिश्चित करता है कि केवल चिकित्सकीय रूप से फिट कर्मी ही जहाज पर सवार हों।
- Unified Ship Recycling Portal — Credit Note Module
यह सरकार के ₹70,000 करोड़ के समुद्री विकास पैकेज को स्वदेशी जहाज निर्माण को बढ़ावा देने के लिए क्रियान्वित करता है। जो जहाज मालिक अपने पुराने जहाजों को Hong Kong Convention-compliant भारतीय यार्ड में recycle करते हैं, उन्हें स्वचालित रूप से जहाज के scrap मूल्य का 40% के बराबर digital credit note मिलता है — जिसे सीधे भारत में नए जहाज निर्माण परियोजनाओं में redeem किया जा सकता है।
महत्व
- वैश्विक लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में उछाल: ये सुधार विश्व बैंक के Logistics Performance Index (International Shipments category) में भारत की 44वें से 22वें स्थान पर ऐतिहासिक छलांग पर आधारित हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय Maritime Labour Convention (MLC) 2006 की प्रतिबद्धता: e-Navik grievance module MLC, 2006 के प्रति भारत की वैधानिक प्रतिबद्धताओं को सुदृढ़ करता है — जिससे एक जिम्मेदार seafaring superpower के रूप में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ती है।
- स्वदेशी जहाज निर्माण को बल: Ship Recycling Credit Note Module भारत को वैश्विक जहाज पुनर्चक्रण बाजार में एक प्रतिस्पर्धी खिलाड़ी बनाने के साथ-साथ स्वदेशी shipbuilding industry को सीधा financial incentive देता है — जो Atmanirbhar Bharat के लक्ष्य के अनुरूप है।
स्रोत: PIB | बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय | JNPA | DGS
