PM-WANI: सार्वजनिक Wi-Fi को नया रूप — आम नागरिकों के लिए बड़ा बदलाव

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डिजिटल भारत की राह में एक और कदम — अब चाय की दुकान से लेकर बस स्टैंड तक मिलेगा सुरक्षित इंटरनेट

भारत सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने PM-WANI — यानी Prime Minister’s Wi-Fi Access Network Interface — framework के अंतर्गत एक श्रृंखला of citizen-friendly सुधार लागू किए हैं। इन सुधारों का उद्देश्य सार्वजनिक Wi-Fi को और अधिक सरल, सुरक्षित और सुलभ बनाना है — चाहे उपयोगकर्ता किसी रेलवे स्टेशन पर हो, बाज़ार में हो, या किसी छोटे से कस्बे में।

PM-WANI क्या है?

PM-WANI एक distributed, architecture-driven digital public infrastructure framework है जिसे भारत भर में unlicenced सार्वजनिक Wi-Fi networks के माध्यम से broadband internet का प्रसार करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।

इसे 9 दिसंबर 2020 को Union Cabinet द्वारा मंजूरी दी गई थी। इसका Nodal Department, Department of Telecommunications (DoT) है, जो संचार मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

इस योजना का मूल उद्देश्य बेहद सरल है — छोटी दुकानें, चाय की दुकानें, और मोहल्ले की establishments को last-mile internet service providers बनाकर इंटरनेट की पहुंच को लोकतांत्रिक बनाना।

PM-WANI Ecosystem के चार स्तंभ

  • Public Data Office (PDO): यह last-mile service delivery node है। PDO स्थानीय telecom या ISP से commercial internet bandwidth खरीदते हैं और PM-WANI compliant Wi-Fi hotspots स्थापित व संचालित करते हैं। कोई भी छोटा व्यापारी PDO बन सकता है।
  • Public Data Office Aggregator (PDOA): यह backend central management layer के रूप में कार्य करता है। PDOA विभिन्न PDOs को एकत्रित करता है और उन्हें user authorization, network security, तथा financial accounting जैसी तकनीकी सेवाएं प्रदान करता है।
  • App Provider: ये user-facing mobile applications विकसित और maintain करते हैं। इन apps के माध्यम से उपयोगकर्ता का registration होता है, authentication होती है और आसपास के PM-WANI hotspots discover किए जाते हैं।
  • Central Registry: यह सभी certified App Providers, PDOAs और PDOs की master directory बनाए रखता है। इसे वर्तमान में Centre for Development of Telematics (C-DoT) द्वारा manage किया जाता है।

PM-WANI की खास संरचनागत विशेषताएं

  • Zero Licensing और Zero Fee: Ease of doing business को बढ़ावा देने के लिए last-mile PDOs के लिए कोई license नहीं, कोई registration नहीं, और DoT को शून्य शुल्क देना होता है।
  • Frictionless Aggregator Onboarding: Backend PDOAs भी licensing requirements से मुक्त हैं। उन्हें केवल एक निःशुल्क registration process पूरी करनी होती है, जो application filing के 7 कार्य दिवसों के भीतर पूरी हो जाती है।
  • Open Interoperability: एक बार किसी approved App Provider से authenticate हुआ उपयोगकर्ता बिना बार-बार registration किए देश के किसी भी PDO hotspot पर सार्वजनिक Wi-Fi broadband access कर सकता है।

2026 के नए सुधार: नागरिकों को क्या मिला?

  • QR Code से Laptop Connection: अब उपयोगकर्ताओं को laptop पर manually login करने की परेशानी नहीं होगी। Authenticated smartphone app से landing page पर एक dynamic QR code scan करके laptop को तुरंत secure public network से जोड़ा जा सकता है।
  • Flexible Sachet Plans: Hotspot operators को अब 15, 30 और 60 मिनट की अत्यंत किफायती short-duration validity plans प्रदान करने की सलाह दी गई है। ये plans transit hubs, बाज़ारों और रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले उपयोगकर्ताओं के लिए विशेष रूप से उपयोगी हैं।
  • Standardized Hotspot Identification (SSIDs): अब network names (SSIDs) में PMWANI branding को अनिवार्य रूप से शामिल करने का mandate है। इससे नागरिक आसानी से authentic, सुरक्षित सार्वजनिक connections को नकली या malicious networks से अलग पहचान सकेंगे।

महत्व और संभावना

PM-WANI योजना डिजिटल भारत की उस परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है जहाँ इंटरनेट केवल बड़े शहरों तक सीमित न रहे। जब एक चायवाला भी PDO बनकर अपने इलाके में Wi-Fi सेवा दे सकता है, तो यह डिजिटल समावेश का एक अभूतपूर्व मॉडल बन जाता है।

2026 के ये सुधार — QR code से laptop जोड़ना, sachet plans, और standardized SSIDs — PM-WANI को न केवल तकनीकी रूप से मजबूत बनाते हैं, बल्कि इसे आम नागरिक के लिए वास्तव में उपयोगी और भरोसेमंद बनाते हैं।

स्रोत: News on Air | DoT, Ministry of Communications

Question based on the Topic
Mains questionPrelims Question
Question: PM-WANI framework की चार-स्तरीय संरचना की व्याख्या कीजिए। 2026 के हालिया सुधारों के संदर्भ में इसकी उपलब्धियों और सीमाओं का मूल्यांकन कीजिए।3. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. PM-WANI को 9 दिसंबर 2020 को Union Cabinet द्वारा अनुमोदित किया गया था।
2. PM-WANI framework के Central Registry को वर्तमान में C-DoT (Centre for Development of Telematics) द्वारा manage किया जाता है।
3. Public Data Office (PDO) को DoT से license प्राप्त करना अनिवार्य है।
4. PM-WANI के अंतर्गत एक approved App Provider से authenticate हुआ उपयोगकर्ता देश के किसी भी PDO hotspot पर Wi-Fi access कर सकता है।
उपर्युक्त कथनों में से कितने सही हैं?
(a) केवल एक                                   
(b) केवल दो  
(c) केवल तीन                                    
(d) सभी चार
उत्तर: (c)
केवल तीन (कथन 3 गलत है — PDOs को कोई license नहीं लेना होता और कोई fee नहीं देनी होती। कथन 1, 2 और 4 सही हैं।)