दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा

दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की भारत यात्रा

भारत–दक्षिण कोरिया संबंध: नई गति, हरित कूटनीति और रणनीतिक साझेदारी

हाल ही में दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति Lee Jae-myung की तीन दिवसीय भारत यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है। Droupadi Murmu और Narendra Modi ने राष्ट्रपति भवन में उनका औपचारिक स्वागत किया।

उनके साथ प्रथम महिला किम हीया क्यूंग भी उपस्थित रहीं। यह यात्रा न केवल कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आर्थिक, तकनीकी और सांस्कृतिक सहयोग को नई दिशा देने वाली मानी जा रही है।


यह आठ वर्षों में किसी दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति की पहली भारत यात्रा है, जो द्विपक्षीय संबंधों में आई नई ऊर्जा को दर्शाती है।
राष्ट्रपति ली ने भारत पहुंचने के बाद कोरियाई समुदाय से मुलाकात की और भारत–कोरिया शिखर सम्मेलन को “महत्वपूर्ण मोड़” बताया।

औपचारिक स्वागत के बाद उन्होंने Mahatma Gandhi को श्रद्धांजलि देने हेतु Raj Ghat का दौरा किया।


इस यात्रा का एक विशेष आकर्षण रहा प्रधानमंत्री मोदी के साथ ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण।

  • प्रत्येक व्यक्ति अपनी माता के सम्मान में एक पेड़ लगाए
  • भावनात्मक जुड़ाव + सामाजिक आंदोलन + पर्यावरण संरक्षण
  • जनभागीदारी के माध्यम से सतत विकास को बढ़ावा

यह पहल केवल पर्यावरणीय अभियान नहीं, बल्कि Soft Power Diplomacy का उदाहरण भी है—जहां एक विदेशी राष्ट्राध्यक्ष की भागीदारी भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करती है।

  • उत्तर प्रदेश का राजकीय वृक्ष
  • शांति और समृद्धि का प्रतीक
  • भारत–कोरिया के ऐतिहासिक संबंधों से जुड़ा (Queen Heo Hwang-ok परंपरा)

भारत और South Korea के संबंध अब पारंपरिक व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उन्नत प्रौद्योगिकी और रणनीतिक क्षेत्रों तक विस्तारित हो चुके हैं।

  • सेमीकंडक्टर सहयोग: डिजिटल अर्थव्यवस्था, 5G, इलेक्ट्रॉनिक्स और ऑटोमोबाइल सेक्टर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण। भारत चिप मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम विकसित करना चाहता है, जबकि दक्षिण कोरिया इस क्षेत्र में अग्रणी है।
  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI): स्मार्ट सिटी, हेल्थकेयर, शिक्षा और गवर्नेंस में उपयोग—दोनों देश संयुक्त रिसर्च और स्टार्टअप सहयोग बढ़ा रहे हैं।
  • जहाज निर्माण (Shipbuilding): भारत अपनी समुद्री क्षमता बढ़ाने के लिए कोरियाई विशेषज्ञता का लाभ उठा सकता है।
  • सप्लाई चेन और क्रिटिकल मिनरल्स: वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में विविधीकरण (Diversification) और चीन पर निर्भरता कम करना प्रमुख लक्ष्य है।
  • निवेश और उद्योग: Samsung, Hyundai और LG जैसी कंपनियाँ भारत में रोजगार, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर और विनिर्माण को बढ़ावा दे रही हैं।

कुल मिलाकर, यह सहयोग “Make in India” और “Digital India” जैसे अभियानों को गति देता है।


भारत और दक्षिण कोरिया दोनों मुक्त, खुला और समावेशी इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के समर्थक हैं।

  • समुद्री सुरक्षा (Maritime Security): समुद्री मार्गों (Sea Lanes) की सुरक्षा, पायरेसी रोकना और नौवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित करना।
  • क्षेत्रीय स्थिरता: कोरियाई प्रायद्वीप और दक्षिण चीन सागर जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में शांति बनाए रखने पर जोर।
  • बहुपक्षीय सहयोग: G20, ASEAN, और अन्य वैश्विक मंचों पर समन्वय।
  • वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला: COVID-19 के बाद सप्लाई चेन को मजबूत और लचीला (Resilient) बनाना एक साझा प्राथमिकता है।

👉 दोनों देश मिलकर नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था (Rules-Based Order) को बढ़ावा देते हैं।


भारत–दक्षिण कोरिया संबंध समय के साथ लगातार मजबूत हुए हैं:

  • 1973: औपचारिक राजनयिक संबंध स्थापित
  • 2010: रणनीतिक साझेदारी की शुरुआत
  • वर्तमान: Special Strategic Partnership

इस दौरान कई महत्वपूर्ण समझौते हुए:

  • व्यापार और निवेश समझौते
  • विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सहयोग
  • सांस्कृतिक और शैक्षिक आदान-प्रदान
  • India–ROK Joint Strategic Vision

अब संबंध केवल सरकार-स्तर तक सीमित नहीं, बल्कि People-to-People संपर्क और सांस्कृतिक जुड़ाव तक फैल चुके हैं।


हालांकि संबंध मजबूत हो रहे हैं, कुछ चुनौतियां भी मौजूद हैं:

  • व्यापार असंतुलन: भारत का आयात अधिक और निर्यात कम—इसे संतुलित करना आवश्यक है।
  • चीन का प्रभाव: इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में चीन की बढ़ती भूमिका दोनों देशों के लिए रणनीतिक चिंता है।
  • तकनीकी प्रतिस्पर्धा: सेमीकंडक्टर, AI और हाई-टेक क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है।
  • वैश्विक अनिश्चितता: भू-राजनीतिक तनाव, युद्ध और आर्थिक मंदी का प्रभाव सहयोग पर पड़ सकता है।

👉 इन चुनौतियों के बावजूद, दोनों देश साझा हितों और मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं।

South Korea पूर्वी एशिया में स्थित है और कोरियाई प्रायद्वीप के दक्षिणी भाग में फैला है।

  • राजधानी: Seoul
  • पड़ोसी देश: North Korea
  • प्रमुख जल सीमाएं: जापान सागर और पीला सागर

सियोल देश का राजनीतिक, आर्थिक और सांस्कृतिक केंद्र है।


भारत और दक्षिण कोरिया के संबंध अब पारंपरिक व्यापार से आगे बढ़कर तकनीकी, रणनीतिक और सांस्कृतिक साझेदारी में परिवर्तित हो रहे हैं।

राष्ट्रपति Lee Jae-myung की यह यात्रा न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा देती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि 21वीं सदी में दोनों देश मिलकर विकास, नवाचार और वैश्विक स्थिरता के लिए एक मजबूत साझेदारी बना रहे हैं।