DRDO के स्वदेशी ‘नेत्र’ AEW&C सिस्टम को मिली Final Operational Clearance

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भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को एक और महत्वपूर्ण सफलता मिली है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित Netra Airborne Early Warning and Control (AEW&C) System को Final Operational Clearance (FOC) प्रदान कर दी गई है। इस उपलब्धि के साथ भारतीय वायुसेना (IAF) की हवाई निगरानी, कमांड एवं कंट्रोल तथा युद्ध प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।

क्या है Netra AEW&C सिस्टम?

  • ‘नेत्र’ भारत का पहला स्वदेशी Airborne Early Warning and Control (AEW&C) प्लेटफॉर्म है। इसे भारतीय वायुसेना की “Eye in the Sky” यानी “आसमान में आंख” कहा जाता है। यह एक उड़ता हुआ रडार स्टेशन है, जो पारंपरिक जमीनी रडारों की सीमा से कहीं अधिक दूर तक हवाई क्षेत्र की निगरानी कर सकता है।
  • इस प्रणाली का विकास DRDO ने देश में स्वदेशी हवाई निगरानी अवसंरचना विकसित करने और भारतीय वायुसेना को एक प्रभावी Force Multiplier उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया है।

कैसे करता है काम?

  • नेत्र प्रणाली 40,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरते हुए विशाल हवाई क्षेत्र की निगरानी करती है। विमान के ऊपर लगे अत्याधुनिक रडार द्वारा लगातार इलेक्ट्रॉनिक संकेत प्रसारित किए जाते हैं, जिससे पहाड़ों और अन्य भौगोलिक बाधाओं के कारण छिपे लक्ष्यों का भी पता लगाया जा सकता है।
  • ऑनबोर्ड कंप्यूटर प्राप्त संकेतों का विश्लेषण कर मित्र और शत्रु विमानों की पहचान करते हैं। इसके बाद सुरक्षित और Jam-Resistant Data Links के माध्यम से यह जानकारी वास्तविक समय में लड़ाकू विमानों और जमीनी कमांड केंद्रों तक पहुंचाई जाती है।

200 से अधिक लक्ष्यों पर एक साथ नजर

  • नेत्र प्लेटफॉर्म में अत्याधुनिक Active Electronically Scanned Array (AESA) Radar लगाया गया है।
  • यह लगभग 250 किलोमीटर की दूरी तक निगरानी करने में सक्षम है तथा एक साथ 200 से अधिक हवाई लक्ष्यों—जिनमें लड़ाकू विमान, मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं—को ट्रैक कर सकता है।

इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में भी सक्षम

  • नेत्र केवल हवाई लक्ष्यों की निगरानी तक सीमित नहीं है। इसमें Electronic Support Measures (ESM) और Communication Support Measures (CSM) जैसी उन्नत प्रणालियां भी शामिल हैं, जो दुश्मन के रडार नेटवर्क, संचार प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक गतिविधियों का पता लगाने में सक्षम हैं।
  • इसके अतिरिक्त, इसमें Self-Protection Electronic Warfare Suite भी मौजूद है, जो दुश्मन की मिसाइलों को भ्रमित कर विमान की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

ब्राजीलियाई विमान पर आधारित स्वदेशी प्रणाली

  • नेत्र प्रणाली को ब्राजील के Embraer EMB-145 विमान प्लेटफॉर्म पर विकसित किया गया है। इस विमान में विशेष रडार, अतिरिक्त विद्युत उत्पादन प्रणाली, इन-फ्लाइट रिफ्यूलिंग प्रोब तथा उन्नत कूलिंग सिस्टम लगाए गए हैं, ताकि मिशन के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को निर्बाध ऊर्जा और शीतलन मिल सके।

भारत की वायु रक्षा को मिलेगा नया बल

  • विशेषज्ञों के अनुसार, नेत्र AEW&C सिस्टम भारतीय वायुसेना की नेटवर्क-सेंट्रिक युद्ध क्षमता को मजबूत करेगा। यह भारत के IL-76 आधारित Phalcon AWACS सिस्टम के साथ मिलकर बहु-स्तरीय हवाई निगरानी और वायु रक्षा कवच तैयार करेगा। सीमावर्ती क्षेत्रों में घुसपैठ की निगरानी, दुश्मन की गतिविधियों का पता लगाने तथा लड़ाकू विमानों के संचालन में यह प्रणाली महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि

  • नेत्र को Final Operational Clearance मिलना भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यह न केवल देश की स्वदेशी तकनीकी क्षमता को प्रदर्शित करता है, बल्कि भविष्य में उन्नत हवाई निगरानी प्रणालियों के विकास का मार्ग भी प्रशस्त करता है।